Saturday, 7 February 2009

चन्द्रयान का शतक: आलोचकों का मूँह बंद

भारत के मानवरहित चन्द्रयान 1 को छोडे 100 दिन हो चुके हैं, और यह यान अपनी उम्मीदों पर खरा उतरा है. Image

चन्द्रयान द्वारा चन्द्रमा की 1 लाख से अधिक तस्वीरें ली जा चुकी हैं, और अभी इस यान का कार्यकाल समाप्त नहीं हुआ है. अभी यह यान दो साल तक कार्यरत रहेगा और तब तक चन्द्रमा की इतनी तस्वीरें भेज देगा कि वैज्ञानिक चन्द्रमा का विस्तृत नक्शा बना पाएँगे. चन्द्रयान ने चन्द्रमा के कभी ना देखे गए हिस्सों की भी तस्वीरें भी भेजी है. कई वैज्ञानिकों ने चन्द्रयान के साथ मून इम्पेक्ट प्रोब को भेजने पर आपत्ति दर्ज की थी क्योंकि इसका वजन 28 किलो है, जबकि अन्य 10 उपकरणों का कुल वजन 50 किलो है. इन वैज्ञानिकों की राय थी कि मून इम्पेक्ट प्रोब को भेजने की बजाए कई और उपकरण लगाए जा सकते थे. लेकिन मून इम्पेक्ट प्रोब ने अपना काम कर दिखाया. चन्द्रमा की धरती पर गिरने से पहले इसने चन्द्रमा की शानदार तस्वीरें ली. ये तस्वीरें पहले कभी देखी गई नहीं थी, क्योंकि ये चन्द्रमा की सतह से मात्र 6 किलोमीटर उपर से ली गई थी. इसके अलावा चन्द्रमा की सतह पर गिरकर इस यंत्र ने भारतीय ध्वज को भी चन्द्रमा तक पहुँचा दिया था. गौरतलब है मून इम्पेक्ट प्रोब को भेजने का सुझाव पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का था.

( Source tarakash.com )

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