Tuesday, 16 June 2009

जलियाँवाला बाग: जो आज़ादी की क्रांति का प्रतीक बना

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1919. यह वह वर्ष था जब भारत के लोग आज़ादी को पाने के लिए नई हिम्मत और एकता का उदाहरण पेश कर रहे थे. अंग्रेजों ने रोलेट एक्ट लागू किया था, जिसने आग में घी का काम किया और आज़ादी की ज्वाला को और भड़का दिया.
पंजाब में हिन्दू, सिख और मुस्लिम समुदाय की एकता अंग्रेजों को देखे नहीं सुहा रही थी. अंग्रेज किसी भी कीमत पर इस एकता को तोडने और भारतीय लोगों के मन में से निकल चुके डर को फिर से स्थापित करना चाहते थे. और इसके लिए किसी भी हद तक जा सकते थे.
रोलेट एक्ट के विरोध में 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में एक जनसभा रखी गई थी. अंग्रेजों ने इस आंदोलन को कुचलने के लिए 10 अप्रैल 1919 को दो बड़े नेताओं डा. सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू को तथा महात्मा गांधी को भी गिरफ्तार कर लिया था.
लेकिन अपने नेताओं की गिरफ्तारी से आम जनता का क्रोध और भी भड़क उठा. 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी का दिन  था और उस दिन हजारों की संख्या में जनसैलाब जलियांवाला बाग एकत्र हुआ था. लोगों मे बूढ़े, बच्चे, जवान और महिलाएं शामिल थी.
एक बगीचे तक जाने के लिए एक छोटा सा गलियारा था. वहीं से लोग आ-जा सकते थे. अंग्रेज ब्रिगेडियर जनरल रेजीनाल्ड डायर ने इस रास्ते को बंद कर दिया और अपनी पल्टन को निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाने का आदेश दिया.
यह दुनिया के कुछ सबसे बड़े नरसंहारों में से एक था. लोगों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था. इस घटना में सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हुए.
लेकिन इस हत्याकांड ने देश को एक नई चेतना दी, नई क्रांति का सूरज उदय हुआ और लोगों ने ठान लिया की अब आज़ादी ही अंतिम लक्ष्य है. शहीद ऊधम सिंह ने लंदन जाकर माइकल ओडवायर को मार डाला. जनरल डायर बीमारी से मर गया.
13 अप्रैल 1961 को जलियाँवाला बाग स्मारक का उद्घाटन हुआ.

Source : Tarakash.com

सामान्य शिष्टाचार: टेलिफोन पर

सामान्य शिष्टाचार : टेलिफोन पर

  • सम्भव हो वहाँ तक तीसरी घंटी बजने से पहले फोन उठा लें.
  • सबसे पहले हैलो या नमस्कार कहते हुए अभिवादन जरूर करें तथा अपना परिचय दें.
  • आगे बातचीत जारी करने से पहले (आपने फोन किया हो तब तो अवश्य ही) सामने वाले का परिचय ले लें. जैसे, " मैं फलां बोल रहा हूँ, क्या जान सकता हूँ मैं किससे बात कर रहा हूँ?"
  • बातचीत के दौरान आवाज व भाषा सौम्य रखें.
  • सामने वाले की बात बिना बाधा डाले सुनें.
  • होल्ड (प्रतिक्षा) पर रखने से पहले सामने वाले व्यक्ति से अनुमति लें तथा होल्ड बटन दबाना न भूले वरना अनजाने में ही इस तरफ हो रहा वार्तालाप दुसरी तरफ सुनाई देता रहेगा.
  • होल्ड पर रखे हुए को ज्यादा समय लग रहा हो तो उसे भूले नहीं, बीच बीच में पूछते रहें की उन्हे कोई परेशानी तो नहीं, थोड़ा समय लग सकता है.
  • कोल ट्रांसफर (स्थानांतरित) करते समय सामने वाले व्यक्ति को बता दें की आप किस व्यक्ति के वहाँ ट्रांसफर कर रहें है.
  • जिसके पास ट्रांसफर किया है उन्हे भी पहले बताये की किसका फोन है, जिसेके लिए आप कोल ट्रांसफर करना चाहते है.
  • अगर गलत नम्बर पर कोल हो गया है तो सामने वाले को इससे हुई परेशानी के लिए क्षमा अवश्य मांगे.
  • किसी को कोल का समय दिया हो तो समय पर फोन करें, वरना कोई आपके कोल की प्रतिक्षा में अपना समय नष्ट कर रहा होगा.
  • सम्भव हो तो बाहर जाते समय फोन को वोइसमेल पर कर दें, या अपने मोबाइल पर कोल ट्रांसफर कर लें.

Source: Tarakash.com